दुबई फिल्म महोत्सव से कनाडाई संस्थापक को हटाया गया

महोत्सव के संस्थापक नील स्टीफेंसन का कहना है कि उन्होंने 9/11 की घटना के बाद पश्चिम और इस्लामी दुनिया के बीच 'सांस्कृतिक पुल' बनाने के लिए इस समारोह की अवधारणा बनाई थी। वह कहते हैं कि वह खुद को इस महोत्सव के वैध संस्थापक और निर्माता के रूप में मान्यता दिलवाले के लिए तीन साल से चल रहा संघर्ष जारी रखेंगे।

स्टीफेंसन के अनुरोध पर उनको डीआईएफएफ का सह-संस्थापक बनाए जाने की मांग अध्यक्ष अब्दुलहमीद जुमा द्वारा ठुकराने से समझौता वार्ता टूट जाने के बाद गुरुवार को उनका यह वक्तव्य आया है।

स्टीफेंसन का कहना है कि जुमा और महोत्सव की प्रबंध निदेशक शिवानी पांड्या के खिलाफ उनकी यह कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

अपने मुकदमे में कनाडाई ने जुमा और पांड्या पर 'घृणित व्यवहार' करने का आरोप लगाया है।

वह कहते हैं कि उनके 10 वर्ष तक अरब दुनिया में रहने और डीआईएफएफ की 2003 में शुरुआत करने के बावजूद दोनों प्रतिवादियों ने उन्हें एक नस्लवादी और अरब से नफरत करने वाले के रूप में प्रस्तुत कर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है।

स्टीफेंसन कहते हैं कि जुमा का 2004 में हुए पहले महोत्सव में बहुत अल्प योगदान होने के तथ्य के बावजूद उन्होंने एक समानता का प्रस्ताव रखा था ताकि वह और जुमा महोत्सव के सह-संस्थापक बन जाएं।

कनाडाई का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षो से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यदि गलत को सही करने के लिए आवश्यक है तो वह यह लड़ाई अगले तीन वर्षो तक और जारी रख सकते हैं।

स्टीफेंसन संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और कनाडा में भी याचिका दायर करेंगे। वह फिल्म उद्योग के लोगों से भी मदद के लिए कहेंगे और इस कानूनी लड़ाई में मदद के लिए वेबसाइट भी शुरू करेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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