विधायकों के इस्तीफे पर हंगामा, आंध्र विधानसभा की कार्यवाही स्थगित (लीड-1)
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पृथक तेलंगाना का विरोध कर रहे विधायकों ने विधानसभाध्यक्ष के आसन के समक्ष पहुंचकर विधायी कामकाज में बाधा डाली, विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
294 सदस्यों वाली विधानसभा में केवल 83 सदस्य ही उपस्थित हुए थे। सदस्यों की संख्या को देखते हुए विधानसभाध्यक्ष किरण कुमार रेड्डी ने सभी दलों के नेताओं से सदन की कार्यवाही जारी रखने के संबंध में विचार पूछे थे।
मुख्यमंत्री के.रोसैया ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही जारी रहनी चाहिए ताकि मुद्दों पर बात हो सके और समाधान निकल सके। उन्होंने प्रत्येक क्षेत्र की जनता और राजनीतिक दलों से संयम बरतने की अपील की।
लोकसत्ता के अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण ने सभी दलों के नेताओं को सुझाव दिया कि वे अपने विधायकों के साथ बैठक कर उनसे इस्तीफा वापस लेने को कहें।
इससे पहले मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (एमआईएम) के अकबरुद्दीन ओवेसी ने कहा कि जब विधानसभा के अधिकांश सदस्य अनुपस्थित हैं तो कार्यवाही नहीं होनी चाहिए।
प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) के अध्यक्ष चिरंजीवी ने कहा कि पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का फैसला सही है लेकिन इसके लिए जो पद्धति अपनाई गई वह गलत है।
उधर, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के विधायकों ने 'जय तेलंगाना' का नारा बुलंद किया।
गौरतलब है कि शुक्रवार तक करीब 102 विधायक विधानसभाध्यक्ष को इस्तीफा सौंप चुके हैं। विधानसभाध्यक्ष रेड्डी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि गुरुवार से राज्य के 294 विधायकों में से 102 उन्हें इस्तीफा सौंप चुके हैं।
रेड्डी ने कहा, "मैंने विधायकों का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। मैं सभी से अलग-अलग मिलने के बाद ही कोई फैसला करूंगा। "
इस्तीफा सौंपने वालों में कांग्रेस के 57, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के 32 और पीआरपी के 13 विधायक शामिल हैं।
इन विधायकों का आरोप है कि पृथक तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने एकतरफा फैसला किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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