स्वायत्तता के मसले पर जनमत संग्रह हो : उल्फा
स्थानीय मीडिया को भेजे एक ई-मेल संदेश में उल्फा के कमांडर इन चीफ परेश बरूआ ने कहा, "यदि कोई बातचीत होती है तो असम की स्वतंत्रता या स्वायत्तता पर बातचीत होगी। यदि सरकार स्वतंत्रता या स्वायत्तता के मुद्दे पर बात नहीं करना चाहती है तो उसे इस मुद्दे पर जनमत संग्रह करवाना चाहिए।"
अलगाववादी संगठन 1979 से अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। उसने कहा है कि यदि केंद्र सरकार स्वायत्तता की मुख्य मांग पर बातचीत के लिए तैयार है तो वह शांति वार्ता के लिए है।
केंद्र सरकार हालांकि इस मांग को पहले ही खारिज कर चुकी है। उसने कहा है कि स्वायत्तता पर बातचीत नहीं हो सकती।
उल्फा ने बयान में कहा है, "शांति वार्ता शुरू करने के नाम पर सरकार दिखावा कर रही है।"
बरूआ ने कहा, "हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है, यदि स्वायत्तता के मुद्दे पर बातचीत नहीं होगी तो हम वार्ता नहीं करेंगे।"
इधर, असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने एक बार फिर सरकार का रुख दोहराते हुए कहा है कि स्वायत्तता के मुद्दे पर वार्ता नहीं होगी।
गोगोई ने आईएएनएस से कहा, "दुनिया के किसी भी देश ने आज तक स्वायत्तता के मुद्दे पर चर्चा या उसे स्वीकार नहीं किया है। स्वायत्तता के मुद्दे पर चर्चा का सवाल उठता ही नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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