मंजूनाथ हत्याकांड : मुख्य अभियुक्त की मौत की सजा उम्र कैद में तब्दील
निचली अदालत ने इस मामले में मुख्य अभियुक्त मोनू मित्तल को फांसी की सजा और सात अन्य अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मुख्य अभियुक्त की फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील करने के साथ इस हत्याकांड के बाकी सात अभियुक्तों में से दो को बरी करते हुए पांच अभियुक्तों देवेश अग्निहोत्री, शिवकेश गिरि, राजेश वर्मा, राकेश तथा विवेक शर्मा की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी है।
बचाव पक्ष के वकील चंद्र भूषण पांडे ने संवाददाताओं को बताया कि मोनू मित्तल के दोस्त संजय अवस्थी और नौकर हरीश मिश्रा को अदालत ने बरी कर दिया।
उल्लेखनीय है कि भारतीय तेल निगम (आईओसी) के अधिकारी एस. मंजूनाथ ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तेल में मिलावट के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया था, जिस वजह से 19 नवंबर 2005 को पेट्रोल पंप मालिक मोनू मित्तल ने उनकी हत्या करवा दी थी।
बताया जाता है कि इस युवा अधिकारी ने पेट्रोल पंप से मिलावटी तेल की बिक्री के लिए लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी थी। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लखनऊ से स्नातक मंजूनाथ का शव उनकी हत्या के कुछ दिन बाद पड़ोसी जिले सीतापुर से बरामद हुआ था।
लखीमपुर खीरी जिला एवं सत्र न्यायालय ने 26 मार्च 2007 मोनू मित्तल सहित आठ अभियुक्तों को दोषी करार दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस












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