मौजूदा तिमाही में दिखेगा खराब मानसून का असर : मुखर्जी
लोकसभा में बहस के दौरान शुक्रवार को मुखर्जी ने कहा कि खाद्य पदार्थो की बढ़ी कीमतों की वजह उत्पादन में कमी, किसानों को दिए जाने वाले स्थिर मूल्य में वृद्धि और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की बढ़ी कीमतें हैं।
उन्होंने कहा, "कीमतों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। यह मांग प्रबंधन का नतीजा नहीं है। यह मुख्य तौर पर आपूर्ति की कमी की वजह से है।"
हाल के दिनों में रोजमर्रा की जरूरत की कई वस्तुओं के मूल्यों में इजाफा हुआ है। आलू की कीमत में 102 फीसदी, दाल की कीमतों में 42 फीसदी और प्याज की कीमत में 23 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।
वित्त मंत्री ने निर्यात बाजार के विविधीकरण का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "देश का लगभग 62 फीसदी निर्यात सीधे उत्तरी अमेरिका, यूरोप और जापान की ओर जाता है। जब इन दशों में आर्थिक मंदी होती है तो इसका असर हमारे निर्यात पर दिखाई देता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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