वेतन की अपेक्षा घंटे के हिसाब से पैसा पाने वाले कर्मचारी ज्यादा खुश
टोरंटो व स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ताओं सैनफोर्ड ई. डीवोई और जेफरी पफेर के मुताबिक, "हमारे रोजमर्रा के जीवन का अधिकतर हिस्सा भुगतान के विभिन्न संगठनात्मक तरीके से जुड़ा हुआ हैं जिससे कि मौद्रिक मूल्य के प्रति हमारी सोच अलग-अलग हो सकती है।"
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि जिस तरीके से एक कर्मचारी को वेतन दिया जाता है वह उनकी खुशी से जुड़ा होता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि तनख्वाह पाने वालों की अपेक्षा घंटे के हिसाब से पैसा पाने वाले कर्मचारियों का ध्यान पैसे पर अधिक केंद्रित होता है।
टोरंटो विश्वविद्यालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि घंटे के हिसाब से दिए जाने वाले पैसे में कर्मचारी द्वारा किए गए काम के घंटों को ध्यान में रखा जाता है, जिससे कर्मचारी में अधिक खुशी का एहसास होता है।
अध्ययनकर्ताओं ने समय और पैसे के बीच संबंध स्थापित करने वाली संगठनात्मक व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर आय और खुशी के बीच संबंध स्थापित किया है।
'पर्सनालिटी एंड सोशल साइकोलॉजी बुलेटिन' (पीएसपीबी) के नए अंक में इस अध्ययन के परिणाम प्रकाशित किए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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