ओबामा को नोबेल शांति पुरस्कार, बचाव में बल प्रयोग की बात कही (राउंडअप)
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जैसे अहिंसा के पुजारियों को देते हुए ओबामा ने इराक और अफगानिस्तान युद्ध के संदर्भ में कहा कि वह दो युद्धों में देश के मुख्य कमांडर हैं।
अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और लोगों के बीच सहयोग मजबूत करने के असाधारण प्रयासों के लिए ओबामा को अक्टूबर में नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी।
ओबामा ने कहा, "मानवीय आधार पर शक्ति के उपयोग को सही ठहराया जा सकता है।"
गुआंतानामो जेल और कैदियों की प्रताड़ना बंद करने के आदेश का उल्लेख करते हुए ओबामा ने कहा, "अमेरिका अकेले कार्रवाई नहीं कर सकता और अमेरिका को युद्ध संचालन के एक मानक वाहक को कायम रखना चाहिए।"
परमाणु अप्रसार पर उन्होंने कहा कि ईरान और उत्तर कोरिया को नियमों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। ओबामा ने मध्य पूर्व तथा पूर्वी एशिया में परमाणु हथियारों की होड़ के खिलाफ चेतावनी भी दी।
ओबामा ने कहा, "इतिहास में पुरस्कार हासिल करने वाले कुछ बड़े लोगों की तुलना में मेरी उपलब्धियां बहुत छोटी हैं।"
ओबामा ने ओस्लो सिटी हॉल में पुरस्कार हासिल करने से पहले एक बार फिर कहा कि जब उन्हें वर्ष 2009 के लिए शांति का नोबल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई थी तो उन्हें आश्चर्य हुआ था।
उन्होंने नार्वे के प्रधानमंत्री जेन्स स्टोलटेनबर्ग के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "जब मुझे यह पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई थी तो मैं आश्चर्यचकित था। इसमें कोई शक नहीं है कि इस पुरस्कार के लिए मुझसे ज्यादा योग्य कई और लोग होंगे। मेरी जिम्मेदारी एक ऐसे रास्ते पर चलना है जो न सिर्फ अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया के लिए स्थायी शांति एवं सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो।"
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दुनिया में शांति एवं स्थायित्व की बहाली के लिए कई कदम उठाए हैं। ओबामा ने जलवायु परिवर्तन की समस्या, परमाणु हथियारों के प्रसार और अफगानिस्तान में जारी अशांति से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया। इन्होंने इन कदमों को शांति से जुड़े अपने एजेंडे की कड़ी बताया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका वर्ष 2011 में अफगानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर देगा।
ओबामा ने कहा कि वह खुद को नेल्सन मंडेला और मदर टेरेसा की श्रेणी में नहीं गिनते। परंतु वह आलोचकों की इस धारणा को दूर करने की पुरजोर कोशिश करेंगे कि दुनिया के दो देशों में जंग लड़ रहे अमेरिका का राष्ट्रपति होने के नाते वह शांति का नोबेल पुरस्कार हासिल करने के हकदार नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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