सियोल को तालिबान की चेतावनी
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार वर्ष 2007 के अगस्त महीने तक अफगानिस्तान में गठबंधन सेना के हिस्से के रूप में लगभग 200 दक्षिण कोरियाई सैनिक मौजूद थे। तालिबान द्वारा 21 कोरियाई ईसाई मिशनरियों को अगवा कर लिए जाने के बाद दक्षिण कोरिया ने अपने सैनिकों को वापस बुला लिया था।
तालिबान द्वारा मीडिया को ई-मेल के जरिए भेजे गए एक बयान में कहा गया है कि 19 बंधकों की रिहाई के बदले सियोल ने वादा किया था कि वह अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुला लेगा और भविष्य में दोबारा कभी भी अपने सैनिकों को अफगानिस्तान भेजने की कोशिश नहीं करेगा। तालिबान ने 19 बंधकों को अगस्त 2007 में रिहा करने के पहले दो बंधकों की हत्या कर दी थी।
बयान में कहा गया है, "यदि सियोल अफगानिस्तान में अपने सैनिकों को भेजता है और अपने वादे को तोड़ता है, तो उसे उसका खामियाजा भुगतने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।"
दक्षिण कोरिया ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह लगभग 100 असैन्य पुनर्निर्माण कार्यकर्ताओं की हिफाजत के लिए 350 सैनिकों को अफगानिस्तान भेजेगा। लेकिन अन्य नाटो नेताओं ने कहा है कि सियोल लगभग 500 सैनिकों को भेजेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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