ट्रक पलटने से 7 व्यक्ति जिंदा दफन

पुलिस ने कहा कि राहत और बचाव दल ने मिट्टी में दबे एक दंपति को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया और उन्हें पास के राजकीय चिकित्सा कॉलेज एवं अस्पताल (जीएसीएच) में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने कहा है कि दोनों खतरे से बाहर हैं।
राहत और बचाव कार्य करीब चार घंटे तक चला। इसमें दमकल विभाग के अधिकारी, पुलिस अधिकारी और स्थानीय गैर सरकारी संगठन के कार्यकर्ता शामिल थे। राहत कार्य में जेसीबी मशीन और क्रेन की भी मदद ली गई।
शवों की पहचान बाकी
चंडीगढ़ के उपायुक्त ब्रिजेंद्र सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि अब तक सात शव बरामद किए गए हैं। ये सभी यहां मजदूरी करते थे। दो लोगों को इस हादसे में बचा लिया गया है, वे दोनों पति-पत्नी हैं। छह शवों की पहचान कर ली गई है जबकि एक महिला के शव की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
मृतकों की पहचान चंद्रावती (35), जयप्रकाश (22), सुखा (13), चंद्रेश (12), राजवती (35) और उसका बेटा जानी (9) के रूप में हुई है।
प्रशासन ने वयस्क मृतकों को एक लाख रुपये और अल्पवयस्कों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। अस्पताल में भर्ती इंदरवती और उसके पति भागीरथ को 25-25 हजार रुपये सहायता राशि दी जाएगी। सभी पीड़ित श्रमिक परिवारों से हैं, जो पास के सेक्टर 31 में निर्माणाधीन इमारत के लिए काम कर रहे थे।
यह घटना उस समय घटी जब एक डंपर मिट्टी और मलबे को गिराने के लिए एक खुले मैदान में पहुंचा। जब मलबा गिराया जा रहा था, उसी दौरान डंपर के पहिए के नीचे की मिट्टी खिसक गई और ट्रक एक तरफ पलट गई और उसमें लदी मिट्टी नीचे रद्दी जुटाने के इंतजार में खड़े लोगों पर गिर गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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