रावलपिंडी: आत्मघाती हमले में मेजर सहित 40 मरे

खबर है कि मृतकों में मेजर जनरल के अलावा सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। ये सभी जुमे की नमाज के लिए वहां जमा हुए थे। हमले के समय मस्जिद में सैकड़ों लोग उपस्थित थे। परेड लाइन में स्थित यह मस्जिद पाकिस्तानी सेना के जनरल के मुख्यालय के करीब है, जहां गत 10 अक्टूबर को 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।
मृतकों में 17 बच्चे भी
पाकिस्तानी सेना के अनुसार मरने वालों में 17 बच्चे, 10 नागरिक और बख्तरबंद कोर के महानिदेशक मेजर जनरल बिलाल उमर खान सहित नौ सैन्य कर्मी शामिल हैं। पूर्व वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ, जनरल (सेवानिवृत्त) मोहम्मद यूसुफ 75 घायलों में शामिल हैं।
यह हमला तब हुआ जब करीब डेढ़ सौ लोग मजिस्जद में जुमे की नमाज़ अदा करने पहुंचे। अचानक चार आतंकी मस्जिद के पास आए और हथगोला फेंकने लगे। फिर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। उसके बाद दो आत्मघाती हमलावर मस्जिद के अंदर घुस गए और उन्होंने खुद को उड़ा दिया। इलाके में तैनात सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई की और चारों हमलावरों को मार गिराया।
ब्रिगेडियर रैंक के कई अधिकारियों की मौत
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी असलम तरीन ने कहा है कि हमले में 40 लोग मारे गए हैं और 80 घायल हो गए हैं। तरीन ने कहा है कि यह एक आत्मघाती हमला था। हमलावरों ने पहले मस्जिद में हथगोले फेंके और गोलीबारी की। उसके बाद उन्होंने खुद को उड़ा दिया। वहीं पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने पुष्टि की है कि हमले में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है और 45 लोग घायल हैं। चार आतंकी भी मारे गए हैं।
सूत्रों के अनुसार मारे गए लोगों में अधिकांश सेना के वरिष्ठ अधिकारी हैं, जो ब्रिगेडियर और मेजर रैंक के हैं। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने 30 से अधिक लोगों के मारे जाने की बात कही है। मलिक ने एक निजी टेलीविजन चैनल को बताया, "कुछ समय पहले प्राप्त हुई सूचना के अनुसार 30 से अधिक लोग मारे गए हैं और कई सारे लोग घायल हो गए हैं। हमले में दो आत्मघाती हमलावर शामिल थे और हमले में मस्जिद की छत ध्वस्त हो गई है।"
एक और अधिकारी के मुताबिक इस हमले में आठ आतंकी शामिल थे। मस्जिद में हथगोला फेंके जाने के पहले सुरक्षाकर्मियों और आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई थी। सेना के एक ब्रिगेडियर के चालक ने बताया कि नमाज समाप्त होते ही एक-एक करके दो धमाके हुए।
दो महीने में ढाई सौ की मौत
हमले के बाद सेना के हेलीकाप्टरों ने घटना स्थल के ऊपर उड़ान भरी और सुरक्षा कर्मियों ने इलाके में मोर्चा संभाल लिया। मस्जिद के पास स्थित एक विशाल परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इस परिसर में सैन्यकर्मियों और उनके परिजनों के रहने के लिए आवासीय कॉलोनियां हैं।
सुरक्षा कर्मियों ने मस्जिद के पास एचवी 508 नंबर प्लेट वाली टोयोटा कार बरामद किया है। माना जा रहा है कि आतंकी इसी कार से आए थे। कार से पांच जीवित हथगोले बरामद किए गए हैं। बम निरोधक दस्ते ने बमों को तत्काल निष्क्रिय कर दिया। पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों का ताजा दौर गत पांच अक्टूबर से जारी है। इनमें अब तक 250 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications