'राज्यों के साथ खुफिया साझेदारी को बेहतर बनाए केंद्र'
प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दक्षिण भारत का स्वयंभू प्रमुख टी.नजीर की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार को सूचना मिलने में देरी हुई।
बालाकृष्णन ने कहा, "इस संबंध में राज्य के साथ खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान केंद्र द्वारा किया जाना चाहिए था। वर्तमान प्रवृत्ति उचित नहीं है।"
गौरतलब है कि लश्कर आतंकवादी नजीर पर वर्ष 2005 में बेंगलुरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान में हुए बम धमाके में शामिल होने का आरोप है। इस बम धमाके में संस्थान के प्रोफेसर एम.सी. पूरी की मौत हो गई थी।
खबरों में कहा गया है कि पूछताछ के दौरान लश्कर आतंकवादी नजीर ने एक राजनीतिक पार्टी के साथ संबंध होने की बात स्वीकार की है।
बालाकृष्णन ने कहा, "जांच के दौरान ही राजनीतिक पार्टी के बारे में जानकरी हासिल की जा सकती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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