नेपाली माओवादियों का रविवार को बंद का आह्वान
काठमांडू, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। नेपाल के पूर्व माओवादी लड़ाकों ने रविवार को राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है। इसके साथ ही माओवादियों ने एक दूरवर्ती पश्चिमी जिले में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है। यहां सुरक्षा बलों और झुग्गीवासियों के बीच शुक्रवार को हुए संघर्ष में कम से कम छह व्यक्तियों की मौत हो गई है।
सरकार ने सुदूर पश्चिमी नेपाल के कैलाली जिले में हजारों की संख्या में पुलिस और सशस्त्र पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया है। यह जिला माओवादियों का गढ़ माना जाता है। शुक्रवार को सुरक्षा बलों द्वारा दुधेझारी के जंगल में बालिया गांव से झुग्गीवासियों को खाली कराए जाने के दौरान हिंसा भड़क गई थी।
शुक्रवार को जिस समय नेपाल सरकार एवरेस्ट की तलहटी में कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक कर रही थी, और देश के 40 प्रतिशत भूभाग को वनों से ढकने का वादा कर रही थी, उसी दौरान पुलिस दुधेझारी के जंगल में अपना नग्न तांडव कर रही थी। भूमिहीन झुग्गीवासियों की झोपड़ियां ध्वस्त कर रही थी, उन झुग्गीवासियों की जो सरकार से भूमि और अपनी आजीविका की मांग कर रहे थे।
इस क्षेत्र में करीब 15,000 लोग लगभग 4,000 झुग्गियों में निवास करते हैं। वे सभी दलित समुदाय से हैं।
पुलिस का कहना है कि माओवादियों सहित जब सभी पार्टियों ने इसकी मंजूरी दे दी थी, तब जाकर उन्होंने शुक्रवार को अपराह्न् झुग्गियों को तोड़ना शुरू किया था।
उधर माओवादियों के दलित संगठनों ने सरकार के इस अभियान के विरोध का आह्वान किया, परिणामस्वरूप पुलिस पर पथराव शुरू हो गए। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
इस घटना में एक पुलिस कर्मी सहित कम से कम छह लोग मारे गए और लगभग एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
क्षेत्र के 12 माओवादी सांसदों की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि एक महिला सहित पांच झुग्गीवासी मारे गए हैं और 50 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
नाराज झुग्गीवासियों ने हाईवे के एक हिस्से को जाम कर दिया, जबकि माओवादियों ने गृह मंत्री भीम रावल और हिंसक कार्रवाई में शामिल पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
काठमांडू में माओवादी नेतृत्व ने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया और घोषणा की कि वे इस घटना के विरोध में रविवार को राष्ट्रव्यापी बंद आयोजित करेंगे।
नेपाल के शीर्ष मानवाधिकार संगठन, नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने इस घटना पर चिंता जाहिर की है और मौत के मामलों की एक स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications