नेपाल में जयपुरिया ग्रुप का पेप्सी उपक्रम माओवादियों के निशाने पर
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। उत्तर भारत और नेपाल में बहुराष्ट्रीय कंपनी पेप्सी के शीतल पेय की बोटलिंग करने वाली एकमात्र कंपनी रवि जयपुरिया ग्रुप ने नेपाल में माओवादियों की हरकतों के कारण अपने विस्तार की योजना ठंडे बस्ते में डाल दी है।
माओवादियों से नाता रखने वाले एक ताकतवर कामगार संगठन ने जयपुरिया ग्रुप के कामकाज को बाधित कर दिया है। चंद रोज पहले काठमांडू में अपना पहला बहुराष्ट्रीय इटिंग चेन शुरू करने वाले इस समूह ने देश में अपने कारोबार का और विस्तार करने की योजना फिलहाल स्थगित कर दी है। समूह ने नेपाल के तराई इलाके में एक अरब रुपये की लागत से दूसरा बोटलिंग संयंत्र स्थापित करने की योजना बनाई थी, पर इसे अब टाल दिया गया है।
माओवादियों से नाता रखने वाले संगठन ऑल नेपाल इंडस्ट्रियल लेबर्स एसोसिएशन के आह्वान पर कंपनी के कोटेश्वर स्थित पेप्सी संयंत्र में उत्पादन बंद होने से कंपनी प्रबंधन में बेचैनी पैदा हो गई। हड़ताली कामगारों ने अधिकारियों को उनके कार्यालयों में ही बंद कर दिया था। पुलिस को हस्तक्षेप पर अधिकारियों को मुक्त कराया पड़ा।
तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच ग्रुप के चेयरमैन रवि जयपुरिया अपने निजी विमान से काठमांडू पहुंचे और उन्होंने स्थिति में सुधार होने तक कंपनी के निवेश प्रस्ताव पर अमल नहीं करने का फैसला लिया। उन्होंने इस घटनाक्रम को निवेशविरोधी करार दिया।
उन्होंने कहा, "कपंनी अधिकारियों की सुरक्षा हमारी उच्च प्राथमिकता है। हमें बदले हुए हालात के कारण यह फैसला लेना पड़ा है।" नेपाल में निवेश का माहौल लगातार बिगड़ने से उद्योगपति चिंतित हैं। जयपुरिया ग्रुप की कंपनी वरुण बेवरेज नेपाल में पेप्सी के लिए बोटलिंग का कार्य करती है। कंपनी ने इसी महीने नेपाल में बुडविजर नामक शराब ब्रांड लांच करने की योजना बनाई थी।
नेपाल में खासकर माओवादियों की ओर से भारतीयों के स्वामित्व वाले उपक्रमों को ज्यादा निशाना बनाया जाता रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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