व्हाइट हाउस के बिन बुलाए मेहमान ने कर्जखोरी के कारण घड़ी गंवाई
वाशिंगटन, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के स्वागत में आयोजित भव्य भोज में बिन बुलाए भाग लेकर सुर्खियों में छाने वाले तारेक सलाही को अपना एक पुराना कर्ज चुकाने के लिए अपनी कीमती घड़ी से हाथ धोना पड़ा है।
सलाही की कलाई की शोभा बढ़ाने वाली पाटेक फिलीप ब्रांड की यह घड़ी अब अदालत के हवाले है जिसे बेचकर सलाही का कर्ज उतारा जाएगा। सलाही और उनकी पत्नी मिशेल उस वक्त सुर्खियों में छा गए जब इसका खुलासा हुआ कि पति-पत्नी ने व्हाइट हाउस के सुरक्षा बंदोबस्त को धता बताते हुए उस पार्टी में बिना बुलाए ही शिरकत की।
इस दंपति ने वर्षो पहले माइक ई.डनबर नामक एक शख्स से कर्ज लिया था, लेकिन जब कर्ज वसूली की कोशिश में डनबर के पसीने छूट गए तो उन्होंने अदालत की शरण ली। सलाही दंपति को कुल 2,000 डॉलर चुकाने के लिए अदालत को घड़ी सौंपनी पड़ी।
यूं तो डनबर से उन्होंने कर्ज के तौर पर 925 डालर लिए थे, पर डनबर को मुकदमा लड़ने पर भी खर्च करना पड़ा। अदालत ने सलाही से कहा कि वह डनबर को मुकदमा लड़ने में हुए खर्च के एवज में 900 डालर एवं कोर्ट खर्च के एवज में अतिरिक्त 53 डालर रकम भी चुकाए। इसके अलावा उन्हें पूरी रकम पर छह फीसदी ब्याज चुकाने को भी कहा गया।
रकम का जुगाड़ करने में असफल सलाही ने अपनी घड़ी देने की पेशकश की जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। सलाही के वकील का दावा है कि यह घड़ी कर्ज की पूरी रकम से कहीं ज्यादा कीमती है। कोर्ट की कार्यवाही के बाद डनबर ने वाशिंगटन पोस्ट अखबार से बातचीत करते हुए कहा, "फिलहाल मुझे राहत तो मिल गई है, पर मेरी रकम मिलनी बाकी है। मुझे इस शख्स की घड़ी सुंदर लगी। उसके बिकने का मुझे इंतजार है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications