शोर के खिलाफ उठ रही आवाज
मंगलवार को छठा मुकदमा रिहायशी इलाके में ध्वनि प्रदूषण फैलाने के आरोप में एक फ्लोर मिल के मालिक छोटेलाल गुप्ता के खिलाफ दर्ज कराया गया है।
एक पुलिस अधिकारी ने स्वीकार किया कि मिल मालिक छोटेलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा लमही इलाके के निवासियों से मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
वाराणसी के पुलिस अधीक्षक विजय भूषण ने आईएएनएस को बताया कि वे ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं, क्योंकि इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। लोग भी इस समस्या के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी।
दरअसल, ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ लोगों में जागरूकता एनजीओ सत्या फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों के कारण आई है।
वाराणसी शहर के कई हिस्सों में, यहां तक कि पुलिस थानों पर भी ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं। सत्या फाउंडेशन के सचिव चेतन उपाध्याय ने बताया कि शहर के चप्पे-चप्पे पंफलेट, पोस्टर और बैनर से अटे पड़े हैं, जिनमें लोगों से अपील की गई है कि वे रात दस बजे के बाद लाउडस्पीकर, बैंड, तेज आवाज में गाने न बजाएं और पटाखे न छोड़ें। धर्म व परंपरा के नाम पर भी ध्वनि प्रदूषण फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी।
उपाध्याय ने कहा कि वह इससे बेहद खुश हैं कि उन्हें जनसमर्थन मिल रहा है और यह आश्चर्य की बात है कि दूसरे प्रदेशों से भी लोगों की वाहवाही मिल रही है। हम हर शिकायतकर्ता की बात को तवज्जो देते हैं और लोगों को सचेत करने की नीयत से कानून का सहारा लेते हैं। ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमों में हम राज्य प्रशासन की मदद ले रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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