ओबामा का अफगानिस्तान में 30,000 और सैनिकों की तैनाती का फैसला (लीड-1)
वाशिंगटन, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अफगानिस्तान में 30,000 और सैनिक भेजने के बहुप्रतीक्षित फैसले की घोषणा करते हुए वादा किया कि इनकी वापसी 18 महीने में शुरू हो जाएगी। इससे युद्ध के खिलाफ बढ़ते जन असंतोष को दूर किया जा सकेगा।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार ओबामा ने मंगलवार को कहा, "यदि मैं यह नहीं सोचता कि अमेरिका और अमेरिकी जनता की सुरक्षा अफगानिस्तान में दांव पर है तो मैं खुशी से हर सैनिक को कल घर वापस आने का आदेश देता।"
दो महीन के विचार विमर्श के बाद ओबामा ने न्यूयार्क में वेस्ट प्वाइंट स्थित अमेरिकी सैन्य अकादमी में एक भाषण में अफगानिस्तान में नई अमेरिकी रणनीति की रूपरेखा पेश की।
योजना का उद्देश्य हाल के वर्षो में तालिबान की हो रही बढ़त को समाप्त करना और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को सुधारना है।
अफगानिस्तान में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती इस वर्ष की गर्मियों तक पूरा होने की उम्मीद है और इससे अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 98,000 हो जाएगी।
ओबामा ने कहा कि जिन 30,000 सैनिकों की तैनाती की घोषणा उन्होंने की है, वे वर्ष 2010 की गर्मियों तक अफगानिस्तान पहुंच जाएंगे।
ओबामा ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के तालिबान के नजदीकी संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि वे सीमावर्ती इलाके में शरण लेकर पाकिस्तान में भी आतंकवादी हमले कर रहे हैं।
उन्होंने पाकिस्तान की सहायता जारी रखने का भी आश्वासन दिया।
ओबामा ने कहा कि नाटो के सहयोगी देशों से भी अफगानिस्तान में अधिक सेना भेजने का आग्रह किया जाएगा।
विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ब्रसेल्स में शुक्रवार को इस मुद्दे पर नाटो के एक सम्मेलन में हिस्सा लेंगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया कि नाटो अध्यक्ष एंडर्स फॉग रासमुस्सेन अफगानिस्तान में नाटों सेनाओं के विस्तार की घोषणा करेंगे।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन पहले ही अफगानिस्तान में 500 और सैनिकों को भेजने का वादा कर चुके हैं तथा नाटो को 5,000 अन्य सैनिक भेजने का सुझाव दिया।
गठबंधन सेना में ब्रिटेन के सैनिकों की संख्या दूसरे स्थान पर है। अमेरिका ने फ्रांस से 1,500 और जर्मनी से 2,000 और सैनिक भेजने को कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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