उल्फा संस्थापक बांग्लादेश में गिरफ्तार (लीड-2)
केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को फोन पर राजखोवा की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "गृह मंत्री ने फोन पर मुख्यमंत्री को अरविंद राजखोवा की गिरफ्तारी से संबंधित घटना के बारे में जानकारी दी।"
एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेशी सुरक्षा बलों ने राजखोवा को त्रिपुरा में स्थित गोकुल नगर सीमा चौकी पर बीएसएफ के कमांडरों को सौंप दिया। उसके बाद बीएसएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारी ने कहा, "राजखोवा को एक विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए बुधवार या गुरुवार को गुवाहाटी लाया जाएगा।"
सूत्रों ने आईएएनएस को बताया है कि राजखोवा के अलावा संगठन के प्रचार सचिव अपूर्ब बरुआ को भी गिरफ्तार किया गया है। माना जा रहा है कि दोनों को बांग्लादेश पुलिस की विशेष शाखा द्वारा ढाका से गिरफ्तार किया गया है।
खबर इस बात की भी है कि उल्फा के कम से कम दो और नेताओं को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
यह गिरफ्तारी ऐसे वक्त में हुई है, जब प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वह 19 दिसंबर से भारत के दौरे पर होंगी।
राजखोवा (56) पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से बांग्लादेश से अलगाववादी गतिविधियों का संचालन करता रहा है। उसके इशारे पर असम में कई बड़ी आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है।
राजखोवा ने अपने पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर 1979 में उल्फा की स्थापना की थी। संगठन को खड़ा करने में इसके सुप्रीम कमांडर परेश बरुआ की खास भूमिका रही थी।
सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेश सरकार अपनी सरजमीं से भारत विरोधी गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश लगाने को लेकर गंभीर है। पिछले महीने बांग्लादेश ने दो प्रमुख उल्फा नेताओं, सशा चौधरी एवं चित्रबोन हजारिका को गिरफ्तार कर भारत के हवाले कर दिया था। बताया जाता है कि सरकार के दबाव में ही परेश बरुआ को बांग्लादेश छोड़कर चीन में पनाह लेनी पड़ी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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