ब्रिटिश सांसद ने भारत से ठग वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की
दीपांकर डे सरकार
लंदन, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारतीय छात्रों के लंदन की गलियों एवं फुटपाथों पर शरण लेने के लिए बाध्य होने की घटना पर आक्रोश प्रकट करते हुए एक ब्रिटिश सांसद ने ऐसी स्थिति के लिए जिम्मेवार भारतीय वकीलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने भारत सरकार से यह अपील की है।
लंदन की उपनगरी साउथॉल से सांसद वीरेंद्र शर्मा ने ब्रिटिश आव्रजन अधिकारियों की इस चेतावनी के बीच भारत सरकार से यह अपील की है कि इन छात्रों को ब्रिटेन से बाहर किया जा सकता है।
साउथॉल में इन दिनों सैकड़ों बेरोजगार भारतीय छात्र फुटपाथों एवं गलियों में शरण लेने को बाध्य हैं और पैसे की किल्लत झेल रहे इन लोगों को भोजन के लिए गुरुद्वारों का चक्कर लगाते देखा जा सकता है।
सांसद ने कहा कि छात्रों की इस स्थिति के लिए दगाबाज और जालसाज भारतीय वकील जिम्मेवार हैं। इन वकीलों ने ब्रिटेन के फर्जी विश्वविद्यालयों के साथ सांठगांठ कर इन छात्रों की ऐसी दुर्दशा की है।
शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा,"हम इन अल्पसंख्यक छात्रों की दुर्दशा से चिंतिंत हैं। ये वकील हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।"
यूके बॉर्डर एजेंसी में लंदन एवं दक्षिण-पूर्व मामले के क्षेत्रीय निदेशक टोनी स्मिथ ने चेतावनी के स्वर में कहा, "अवैध आप्रवासन की इस घटना के लिए जिम्मेवार कालेजों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। हम चाहते हैं कि छात्र आव्रजन कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाले का शिकार न बने। यह दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का उचित अवसर है।"
कई छात्रों ने छात्र वीजा हासिल करने के लिए दोस्तों एवं संबंधियों से मोटी रकम उधार ली। शर्मा कहते हैं, "तथाकथित आव्रजन वकील ऐसे छात्रों से शुल्क के रूप से छ: से सात लाख रुपए वसूलते हैं और उन्हें आश्वासन दिया जाता है कि उनके लिए किसी कालेज में नामांकन की व्यवस्था कर ली जाएगी और नौकरी भी दिला दी जाएगी।
छात्रों का दाखिला फर्जी कालेजों में कराया जाता है। जब वे लंदन पहुंचते हैं तो कानून का डंडा सहने के लिए वे अकेले होते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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