रुला देती है भोपाल गैस हादसे की तस्वीरें
भोपाल, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। कुछ माह के मासूम को दफनाता एक बाप, एक साथ पड़ा मां-बेटे का शव, शवों का मेला और कंकाल में बदल चुके शरीर की तस्वीर देखते ही हर किसी की आखें छलक पड़ती। हर कोई तस्वीरों को देखते ही एक-दूसरे से सवाल करता है कि जब तस्वीरें इतनी भयावह है तो दो एवं तीन दिसम्बर 1984 की रात कैसी रही होगी, इसके बारे में सोचा जा सकता है।
शाहजहानी पार्क में भोपाल गैस हादसे की 25 वीं बरसी पर भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन की फोटो प्रदर्शनी को देखने उमड़ी भीड़ में हादसे को लेकर दुख है और गुस्सा भी है। प्रदर्शनी में लगी 100 से अधिक तस्वीरें यूनियन कार्बाइड संयंत्र से भोपाल में हुए गैस हादसे की हकीकत का खुलासा करती है।
बड़वानी से आया बरकत कहता है कि हादसे की तस्वीरें बताती है कि उस रात में ही कितने लोग मर गए होंगे। संयंत्र से रिसी गैसों ने जहां हजारों लोगों को निगल लिया वहीं कई परिवारों को अनाथ कर दिया।
सुल्तानिया जनाना अस्पताल के पास रहने वाले मो. सादिक तस्वीरों को देखते ही कह उठते हैं कि हादसे की रात हर तरफ भागते लोग और शव ही शव नजर आ रहे थे। इन तस्वीरों को देखते ही उन्हें 25 वर्ष पहले हुए हादसे की यादें ताजा हो जाती हैं।
प्रदर्शनी देखने पहुंचा मण्डीदीप का विजय सिंह कहता है कि उस रात वह भोपाल से लौट रहा था तो उसकी आंखों में जलन होने लगी थी। दूसरे दिन तो लोगों को भोपाल आने ही नहीं दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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