नाथू ला के रास्ते वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार का समापन
सईद जारिर हुसैन
नाथू ला (सिक्किम), 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत और चीन के बीच नाथू ला दर्रे के रास्ते प्रति वर्ष होने वाले व्यापार का सोमवार को समापन हो गया। इस वर्ष इस सड़क मार्ग से कुल 90 लाख रुपये का व्यापार हुआ।
सिक्किम के उद्योग व वाणिज्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "दोनों देशों के बीच इस वर्ष (2009) के लिए व्यापार सोमवार को बंद हो गया। अगले वर्ष पहली मई से यह व्यापार फिर शुरू होगा और 30 नवंबर तक जारी रहेगा।"
समझौते के अनुसार दोनों देशों के बीच इस मार्ग से व्यापार सप्ताह में चार दिन (सोमवार से गुरुवार तक) होता है। व्यापार की शुरुआत प्रति वर्ष पहली मई से होती है और 30 नवंबर को इस रास्ते सभी व्यापारिक गतिविधियां बंद हो जाती हैं, क्योंकि भारी हिमपात के कारण यह इलाका पूरी तरह दुर्गम हो जाता है।
अधिकारी ने कहा, "इस वर्ष इस मार्ग से द्विपक्षीय व्यापार सुस्त रहा। भारतीय व्यापारियों ने लगभग 90 लाख रुपये का व्यापार किया, जबकि स्वायत्तशासी क्षेत्र तिब्बत के व्यापारी कोई व्यापार नहीं कर पाए।"
वर्ष 2008 में चीनी व्यापारियों ने 1,35,000 रुपये के सामान बेचे थे। पिछले वर्ष दोनों देशों ने लगभग 96 लाख रुपये का व्यापार किया था। यहीं पर वर्ष 2007 में 26 लाख रुपये का व्यापार हुआ था। व्यापार के शुरुआती वर्ष में यानी 2006 में नाथू ला के रास्ते लगभग 20 लाख रुपये का व्यापार हुआ था।
अधिकारी ने कहा, "शुरुआती मई और जून महीने में व्यापार बिल्कुल शून्य रहा। लेकिन बाद में व्यापार ने जोर पकड़ा।"
ज्ञात हो कि भारत और चीन ने वर्ष 2006 में एक सीमा समझौते के तहत सिक्किम की राजधानी गंगटोक के पूर्व में 52 किलोमीटर दूर 15,000 फुट ऊंचाई वाले नाथू ला दर्रे को व्यापार के लिए फिर से खोल दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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