मनमोहन के रूस दौरे में रक्षा और व्यापार संबंधी मुद्दे प्रमुख
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "प्रधानमंत्री की तीन दिवसीय मास्को यात्रा भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के मौके पर रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के निमंत्रण पर हो रही है।"
प्रधानमंत्री छह से आठ दिसंबर की रूस यात्रा के लिए रविवार को मास्को रवाना होंगे। बयान में कहा गया, "मनमोहन सिंह मेदवेदेव और रूसी प्रधानमंत्री व्लादीमीर पुतिन के साथ वार्ता करेंगे। इसके अलावा उनके और भी कार्यक्रम हैं।"
सिंह और मेदवेदेव दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु सहयोग को विस्तार देने पर सहमति जता सकते हैं। दोनों देशों में बीच दिसंबर, 2008 में असैन्य परमाणु समझौते पर दस्तखत किए गए थे।
प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2015 तक 20 अरब डॉलर तक बढ़ाने से जुड़ा समझौता भी हो सकता है। वर्ततान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार सात अरब डॉलर का है।
उधर, भारत और रूस के बीच लंबे समय से लंबित विमान वाहक युद्धपोत एडमिरल गोर्शकोव से जुड़े समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना नहीं है। रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने भी पिछले सप्ताह कहा था कि प्रधानमंत्री की रूस यात्रा के दौरान गोर्शकोव समझौते के आसार नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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