े केंद्रीय दल राजनीतिक हिंसा से प्रभावित इलाकों में जाए: तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) आतंक फैला रही है।
केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री मुकुल रॉय के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के गेस्ट हाउस में केंद्रीय दल से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन में अप्रैल-मई लोकसभा चुनावों के समय से राज्य में हुई राजनीतिक हिंसा की विस्तृत जानकारी दी है।
रॉय ने पत्रकारों से कहा, "हमने उनसे विभिन्न जिलों के प्रभावित इलाकों का दौरा करने व माकपा द्वारा फैलाए जा रहे आतंक को खुद देखने को कहा है। वे घटनाओं में मारे गए लोगों के पारिवारिक सदस्यों और बलात्कार की शिकार बनी महिलाओं से भी बात कर सकते हैं।"
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डी. आर. एस. चौधरी के नेतृत्व में यह तीन सदस्यीय केंद्रीय दल पहले ही कुछ जिलों का दौरा कर चुका है।
तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि माकपा समर्थकों द्वारा की गई हिंसा में उसके करीब 150 समर्थक और कार्यकर्ता मारे गए हैं।
रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग नहीं कर रही है लेकिन लोगों की सुरक्षा चाहती है।
केंद्रीय अधिकारियों ने मंगलवार को राज्य के उच्च अधिकारियों और वाम मोर्चा के नेताओं से मुलाकात के बाद राज्य में चार प्रकार के अस्थिर करने वाले कारकों की पहचान की है। इनमें कानून व्यवस्था की परेशानी, दार्जीलिंग में गोरखालैंड आंदोलन, उत्तरी बंगाल में जनजातियों और गोरखाओं के बीच संघर्ष और नक्सल समस्या शामिल हैं।
पूर्व माकपा सांसद मोहम्मद सलीम के नेतृत्व में वाम मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी केंद्रीय दल से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें संघर्ष के लिए तृणमूल को जिम्मेदार ठहराया गया है और आरोप लगाया गया है कि विपक्षी पार्टी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करवाकर जल्दी चुनाव कराना चाहती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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