कोलकाता में 'सफेदपोश अपराध' बना चिंता का सबब
कोलकाता, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। कोलकाता में इन दिनों 'सफेदपोश अपराध' से जुड़ी वारदातें बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय पुलिस का मानना है ऐसे अपराधों को अंजाम देने वाले युवक न सिर्फ पढ़े लिखे होते हैं बल्कि फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने में भी माहिर होते हैं।
'सफेदपोश अपराध' के बारे एक व्यापारी प्रदीप दास बताते हैं कि पिछले दिनों उनके सहायक से दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने 250,000 रुपये छीन लिया जब वह यह राशि बैंक में जमा करने जा रहे था। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस घटना को अंजाम देने युवक पढ़े लिखे थे और अच्छी अंग्रेजी बोलते थे।
दो महीने के इंतजार के बाद दास के रुपये तो मिले लेकिन पूरे नहीं। दास ने बताया,"मुझे 57,550 रुपये वापस मिले। शहर पुलिस के गुप्तचर विभाग ने अपराधियों को पकड़ लिया था। मुझे इस हफ्ते रुपये वापस मिल गए।"
कोलकाता पुलिस के गुप्तचर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस गिरफ्तारी के बाद ऐसी बातें सामने आई है कि कोलकाता शहर में अब नए तरीके के अपराध यानी 'सफेदपोश अपराध' की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
कोलकाता पुलिस (गुप्तचर विभाग) की उपायुक्त दमयंती सेन ने आईएएनएस को बताया,"हम लोगों ने कोलकाता में एक जैसे कम से कम चार मामलों में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी की आयु 22 से 30 के बीच है। उनके पास से मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है। सभी युवक देखने में शिक्षित और अंग्रेजी बोलने में सक्षम लगते हैं। इन सभी का संबंध अच्छे परिवारों से है।"
अधिकारी ने बताया कि इस 'सफेदपोश अपराध' का भंडाफोड़ दास के सहायक से लूटी गई राशि के सीसीटीवी फुटेज देखने बाद हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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