गुस्से पर काबू नहीं रख पाते कम उम्र के माता-पिता
यूनीवर्सिटी ऑफ टोरंटो (यूटी) के प्रोफेसर स्कॉट स्कीमैन ने एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण कर 18 वर्ष व इससे अधिक आयु के 1,000 से अधिक लोगों पर अध्ययन किया और लोगों की सबसे सामान्य नकारात्मक भावना गुस्से पर नए निष्कर्ष दिए।
अध्ययन के लेखक के मुताबिक युवा अभिभावकों को समय का दबाव, आर्थिक तंगी और कार्यस्थल के तनावों से जूझना पड़ता है इसलिए वे जल्दी गुस्से में आ जाते हैं। तनाव की इन तीन वजहों से ही गुस्से का स्तर बढ़ता है।
समय की कमी महसूस होना क्रोध का एक मुख्य कारण है। अध्ययन से यह भी स्पष्ट हुआ है कि पिता की अपेक्षा माताएं बच्चों पर अधिक चिल्लाती हैं।
जिन माता-पिता को अधिक आर्थिक तंगी झेलनी पड़ती है, उनमें गुस्से का स्तर अधिक होता है।
यूटी की एक विज्ञप्ति के मुताबिक युवा और कम शिक्षित माता-पिता अधिक गुस्सा करते हैं।
अध्ययन में कम शिक्षित और अधिक शिक्षित लोगों के बीच तुलना करने पर पाया गया कि अधिक शिक्षित माता-पिता कम गुस्सा करते हैं और वे स्थितियों में बदलाव लाने या बातचीत करने की कोशिश करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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