कोपेनहेगन में संधि के आसार, भारत पर बढ़ सकता है दबाव : पचौरी
उन्होंने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "इस मामले में भारत की स्थिति एक ऐसे मुल्क की है जो चौराहे पर खड़ा है। भारत के कदम का खास महत्व होगा।" उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस शिखर सम्मेलन के अंतिम दो दिनों के सत्रों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा, "अंतिम दो दिन काफी महत्वपूर्ण होंगे। यहां यह तय होगा कि भारत समझौता करने वाला देश है या समझौता तोड़ने वाला देश।"
उनका मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2020 तक ग्रीनहाउस गैस(जीएचजी) में 17 फीसदी और चीन ने इस अवधि तक अपनी अर्थव्यवस्था की जीएचजी-तीव्रता में 40 से 45 फीसदी की कटौती करने की घोषणा कर भारत पर कारगर कदम उठाने का दबाव बढ़ा दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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