आस्था, विश्वास के साथ मनी बकरीद

ईद-उल-जुहा मुसलमान कैलेंडर का यह एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। हजरत इब्राहिम द्वारा अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तत्पर हो जाने की याद में इस त्योहार को मनाया जाता है। इस्लाम के विश्वास के मुताबिक अल्लाह हजरत इब्राहिम की परीक्षा लेना चाहते थे और इसीलिए उन्होंने उनसे अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए कहा।
विश्वास की परीक्षा का त्योहार
हजरत इब्राहिम को लगा कि कुर्बानी देते समय उनकी भावनाएं आड़े आ सकती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। जब उन्होंने पट्टी खोली तो देखा कि मक्का के करीब मिना पर्वत की उस बलि वेदी पर उनका बेटा नहीं, बल्कि दुंबा था और उनका बेटा उनके सामने खड़ा था। विश्वास की इस परीक्षा के सम्मान में दुनियाभर के मुसलमान इस अवसर पर अल्लाह में अपनी आस्था दिखाने के लिए जानवरों की कुर्बानी देते हैं।
यूपी, बिहार में रही कड़ी सुरक्षा
कुर्बानी के त्यौहार पर हजारों लोग मस्जिदों में इबादत के लिए एकत्रित हुए। इस मौके पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई थी। लखनऊ में एशबाग ईदगाह और आसिफी मस्जिद में विशेष इबादत के लिए बड़ी तादाद में लोग एकत्रित हुए। सुरक्षा के मद्देनजर राज्य सरकार ने पुलिस एक्शन कमेटी (पीएसी) की 35 कंपनियां और त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) की 10 कंपनियां पूरे उत्तर प्रदेश में विभिन्न जगहों पर तैनात की गईं।
उधर बिहार के पटना की माखनपुर शाही ईदगाह, खानकाह इमादिया, झाउगंज मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में कड़ी सुरखा के बीच नमाज़ अदा हुई। पूर्णिया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, कटिहार, किशनगंज सहित सभी जिलों की मस्जिदों में मुसलमानों ने नमाज अदा की। पटना के शहरी क्षेत्रों में 34 दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दी बधाई
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल और उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने देशवासियों को बधाई दी। राष्ट्रपति ने अपने बधाई संदेश में कहा कि यह पर्व उनमें साझी संस्कृति की भावना समृद्ध करे तथा एकता एवं सद्भाव को मजबूत बनाएं।
उपराष्ट्रपति एम हामिद अंसारी ने अपने बधाई संदेश में कहा कि यह त्योहार पैगम्बर इब्राहिम की बलिदान की भावना की याद ताजा कराता है और आदमी के सर्वस्व न्योछावर की चाहत की सच्चाई को स्थापित करता है। इस दिन की शुभ भावना लोगों में हमेशा खुशियां प्रदान करें।
वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पोर्ट ऑफ स्पेन से अपना बधाई संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि इस पर्व में बलिदान का संदेश छिपा है और यह पर्व देशवासियों को एकता के सूत्र में बांधेगा। यह पर्व बलिदान और भाईचारे का प्रतीक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications