भारत और अमेरिका हरित समझौते को तैयार
मनमोहन सिंह ने कहा कि ये वे क्षेत्र हैं जिनमें अमेरिकी कंपनियां अग्रणी हैं। उन्होंने कहा, "हमें सहयोग के संभावित क्षेत्रों की तलाश करनी चाहिए।" मनमोहन सिंह ने कहा, "जिस तरह से भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए अन्य देशों के साथ काम कर रहा है, उसी तरह हम घरेलू स्तर पर भी जलवायु परिवर्तन के लिए तैयार किए गए एक नेशनल एक्शन प्लान के जरिए समस्याओं से निपट रहे हैं। इस नेशनल एक्शन प्लान के तहत ऊर्जा दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कई नई पहलें की गई हैं।"
प्रधानमंत्री की यह घोषणा इस बात का साफ संकेत है कि भारत और अमेरिका ने दिसंबर में कोपनहेगन में प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन वार्ता के प्रति अपने नजरिए में व्याप्त मतभेदों को बुनियादी तौर पर दूर कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि मंगलवार की शिखर बैठक के दौरान मनमोहन सिंह और बराक ओबाम के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो जाने के बाद कई सारी संयुक्त परियोजनाओं की जल्द घोषणा की जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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