लश्कर के निशाने पर राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज

अभियोजक ने न्यायाधीश नैन नॉलन को बताया कि वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के नई दिल्ली स्थित प्रमुख कॉलेज पर हमले की कथित चर्चा से स्पष्ट है कि राणा आतंकवादी हमलों के हिस्सा लेने के लिए गंभीर था और वह हैडली की साजिश का केवल एक शिकार नहीं है, जैसा कि राणा के वकील ने दावा किया है।
पाकिस्तान में पैदा हुआ कनाडाई नागरिक राणा और हैडली (जिसका पूर्व नाम दाउद गिलानी था) को डेनमार्क के अखबार जिलैंद-पोस्टन पर हमले के षड्यंत्र का भी आरोपी बनाया गया है। इसी अखबार में वर्ष 2005 में प्रकाशित पैगंबर मुहम्मद के कार्टूनों के कारण मुस्लिम जगत में भारी आक्रोश पैदा हुआ था।
मंगलवार को संक्षिप्त सुनवाई के बाद न्यायाधीश नॉलन के समक्ष हिरासत पर सुनवाई 10 नवंबर तक जारी रहेगी। मुकदमे की कार्रवाई तक राणा की गिरफ्तारी का समर्थन करने वाले सरकारी ज्ञापन में कहा गया है कि हमले की इस योजना में लश्कर-ए-तैयबा का कम से कम एक सदस्य और अल कायदा से जुड़ा इलियास कश्मीरी शामिल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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