• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जलवायु परिवर्तन: भारत-नार्वे में समझौता

|

India, Norway flags
नई दिल्ली। भारत और नार्वे ने गुरुवार को जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में क्योटो संधि के तहत स्वच्छ विकास तंत्र परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर सहयोग के एक समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत दोनों देश सीडीएम परियोजना गतिविधियों से संबंधित विषयों पर नियमित आधार पर सूचना और विचारों का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

पर्यावरण और वन मंत्री जयराम रमेश और नार्वे की पर्यावरण और अंतर्राष्ट्रीय विकास मंत्री इरिक सोलेहम ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते से वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण और सुधार, दीर्घकालीन विकास और स्वच्छ विकास तंत्र परियोजना (सीडीएम) गतिविधियों के कार्यान्वयन के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

सहयोग प्रक्रिया विकसित होगी

यह समझौता क्योटो संधि के तहत स्वच्छ विकास तंत्र के कार्यान्वयन के संदर्भ में जलवायु परिवर्तन से जुड़े मामले पर तय किए गए सिद्घांतों और लक्ष्यों पर सहयोग प्रक्रिया को विकसित करने की राजनैतिक प्रतिबद्घता को दर्शाता है।

परस्पर सहयोग वाली प्रौद्योगिकी के पेंटेंट या बौद्घिक संपदा अधिकार के मामले में सहभागी दोनों देशों के संबंधित कानूनों के अनुसार बहुत पहले ही काफी सोच विचार कर निर्णय लेंगे। दोनों पक्ष सीडीएम के विभिन्न पहलुओं जैसे प्रक्रिया आसान बनाने एवं बाजारोन्मुखी बनाने पर साथ मिलकर काम करेंगे।

यह समझौता क्योटो संधि की प्रथम प्रतिबद्घता अवधि यानी 2012 तक लागू रहेगा। समझौते से हटने के लिए संबंधित पक्ष को छह महीने पहले सूचना देना होगा। समझौते में कोई भी संशोधन दोनों पक्षों की लिखित सहमति के बाद ही होगा। समझौते की व्याख्या तथा क्रियान्वयन के दौरान उत्पन्न कोई भी विवाद बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more