आसियान सम्मेलन के लिए कड़ी सुरक्षा

थाईलैंड में शुक्रवार से शुरु हो रही दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन यानि आसियान की बैठक के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और हज़ारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
थाईलैंड के चा-आम पर्यटन स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था इसलिए की गई है क्योंकि अप्रैल में थाईलैंड के पट्टाया पर्यटन स्थल पर आयोजित सम्मेलन के दौरान बड़े प्रदर्शन हुए थे और फिर इसे स्थिगित कर दिया गया था.
उस समय प्रदर्शनकारियों ने थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री टाकसिन चिनावाट का निर्वासन ख़त्म करने की माँग रखी थी. समाचार एजेंसियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि इस हफ़्ते प्रदर्शन आयोजित करने की कोई योजना नहीं है.
थाईलैंड की सरकार के प्रवक्ता पानितान वतनायागोर्न ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "सुरक्षा एजेंसियों ने ज़मीन, आसमान और समुद्र के ज़रिए आपात स्थिति में निकलने का प्रावधान किया है. हम नहीं मानते कि ये ज़रूरी ही होगा लेकिन हम तैयार रहना चाहते हैं और नेताओं को आश्वासन दिलाना चाहते हैं कि वे बिना रोक-टोक बैठक कर सकते हैं."
मानवाधिकार, अर्थव्यवस्था पर चर्चा भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी आसियान देशों की बैठक में भाग लेने के लिए थाईलैंड रवाना हुए हैं.
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी आसियान देशों की बैठक में भाग लेने के लिए थाईलैंड रवाना हुए हैं.
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में आसियान के दस देशों के नेताओं के साथ-साथ भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के नेता भी भाग लेंगे.
आसियान की बैठक में अर्थव्यवस्था, व्यापार, मानवाधिकार, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन पर चर्चा होनी है.
इसी बैठक में नेता एक नई क्षेत्रीय मानवाधिकार संस्था के गठन की घोषणा भी करेंगे जिसका नाम आसियान इंटरगवर्नमेंटल कमिशन ऑन ह्यूमन राईट्स होगा.
पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस संस्था का गठन बर्मा जैसे आसियान सदस्य देशों की मानवाधिकारों को मसले पर आलोचना के जवाब में हो रहा है.












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