चरमपंथियों से सख़्ती से निपटेगा पाक

इस्लामाबाद से पिछले दो हफ़्तों में चरमपंथी हमलों में डेढ़ सौ से ज़्यादा जानें गंवा चुके पाकिस्तान ने कहा है कि चरमपंथी हमलों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हमलावरों से सरकार सख्ती से निपटेगी. इस सिलसिले में शुक्रवार को प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी की सेनाध्यक्ष, आईएसआई प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, मंत्रियों, नेताओं के साथ अहम बैठक हुई.
बैठक में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान में जितने भी आतंकी हमले देखने को मिल रहे हैं, उनमें से 80 प्रतिशत हमलों की योजना वजीरिस्तान में बनाई जाती है. अब सरकार आर-पार की लड़ाई की मुद्गा में आती नज़र आ रही है. जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकार ने वजीरिस्तान में सैन्य कार्रवाई करने का फैसला कर लिया है. बैठक से पहले शुक्रवार को ही पेशावर शहर में दो आत्मघाती हमले हुए हैं जिसमें कम से कम ग्यारह लोग मारे गए थे.
हमले
इससे पहले गुरुवार को लाहौर और कोहाट शहर में सुनियोजित तरीक़े से कुछ पुलिस ठिकानों पर हमले किए गए थे जिसमें कम-से-कम 37 लोग मारे गए थे. लाहौर में बंदूकधारियों ने संघीय जाँच एजेंसी के मुख्यालय और दो पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों पर हमले किए थे जिसमें कम-से-कम 26 लोग मारे गए.
पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत के कोहाट शहर में एक पुलिस थाने के पास बम धमाका हुआ था जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी.हालांकि सेना की वजीरिस्तान में कार्रवाई की बात कुछ समय से चल रही है पर इसपर अमल नहीं किया जा सका है. कुछ जानकार मानते हैं कि यह कार्रवाई पिछड़ती जा रही है.
हालांकि सरकार और सेना की ओर से इस बारे में एक तर्क यह दिया जा रहा है कि ठंडे होते मौसम और कठिन परिस्थितियों के वजह से अभियान में देरी हो रही है पर कुछ लोगों का मानना है कि वजीरिस्तान की स्थिति उन जगहों से बेहतर है जहाँ सेना पहले से चरमपंथियों से उलझी हुई है.












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