अमेरिकी वैज्ञानिक बोले चांद पर पानी है

चंद्रयान अपने साथ अमेरिकी उपकरण भी लेकर गया था और इन्हीं उपकरणों के माध्यम चांद के सतह पर पानी के सबूत मिले हैं। अमेरिकी वैज्ञानिक कार्ल पीटर्स ने कहा है कि अमेरिकी अंतरिक्ष विज्ञान एजेंसी (नासा) के उपकरण 'एम 3' के अनुसार चांद पर जल है।
यह चंद्रयान की प्रमुख खोज
'एम 3' चंद्रायान में शामिल 11 वैज्ञौनिक उपकरणों में एक था। पीटर्स ने चांद पर जल की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए इसे प्रमुख खोज बताया। दूसरी ओर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख जी. माधवन नायर ने कहा है कि वह फिलहाल चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी की पुष्टि नहीं कर सकते।
बुधवार को श्री हरिकोटा में 16वें दूर संवेदी उपग्रह ओशनसेट-2 और छह छोटे यूरोपीय उपग्रहों के सफल प्रक्षेपण के बाद नायर ने संवाददाताओं से कहा,"चंद्रमा की सतह पर 97 फीसदी खनिज पदार्थ हैं। इस सप्ताह के अंत से पहले मैं चंद्रमा पर पानी होने की बात की पुष्टि नहीं कर सकता।"
अमेरिकी अंतरिक्ष विज्ञान एजेंसी (नासा) गुरुवार को चंद्रमा पर खनिज पदार्थ होने के संबंध में घोषणा कर सकती है। भारत के चंद्रमिशन चंद्रयान-1 में अमेरिकी उपकरण भी थे, जिनके आधार पर नासा यह घोषणा करने वाली है।
इसरो प्रमुख ने कहा कि जहां तक इसरो का प्रश्न है, चंद्रयान उसके लिए 100 फीसदी सफल रहा है। उन्होंने कहा "इसरो चंद्रयान द्वारा भेजे गए आंकड़ों का अध्ययन कर रहा है। अब हम चंद्रयान 2 मिशन के पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसका 2012 या 2013 में प्रक्षेपण किया जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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