निठारी कांड: मोनिंदर सिंह बरी

अदालत के इस फैसले के बाद अब पंढ़ेर को फांसी नहीं होगी। इससे पहले पंढ़ेर को फरवरी में फांसी की सज़ा सुनाई गई थी। हालांकि अदालत ने पंढेर के नौकर और दूसरे आरोपी सुरेंद्र सिंह कोली की सजा को बरकरार रखा है।
मानव मांस खाया
मोनिंदर सिंह पंढ़ेर के नोएडा सेक्टर 31 स्थित मकान में काम करने वाली रिम्पा चार साल पहले अचानक गायब हो गई थी। सीबीआई की पूछताछ में सुरिंदर कोली ने कबूल किया था कि उसने रिम्पा के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सुरिंदर ने रिंपा के शव के कुछ हिस्सों को खाया भी था। सुरिंदर नेक्रोफीलिया नामक बीमारी का शिकार है।
मोनिंदर के नोएडा स्थित सेक्टर 31 के मकान के बाहर एक नाली से खुदाई के दौरान 29 दिसंबर, 2006 को आठ बच्चों के कंकाल बरामद हुए थे इसके बाद मोनिंदर सिंह पंढ़ेर और उसके नौकर सुरिंदर कोली को गिरफ्तार कर लिया गया था।
कंकालों का जखीरा
इसके बाद तो नाली से कंकालों का जखीरा बरामद किया गया मामले को तूल पकड़ते देख इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई। जांच के दौरान सीबीआई की टीम निठारी पहुंची जहां मकान के पास से 30 और कंकाल बरामद हुए।
जांच के बाद सीबीआई ने मोनिंदर सिंह को क्लीन चिट दे दी जिसके खिलाफ निठारी कांड के तीन पीड़ितों ने सीबीआई के खिलाफ कोर्ट में अपील की। कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया जिसके बाद 13 दिसंबर, 2007 को विशेष सीबीआई कोर्ट ने मोनिंदर के खिलाफ दो बालिकाओं के साथ दुष्कृत्य व उनकी हत्या का मामला दर्ज किया था। 12 फरवरी, 2009 को विशेष कोर्ट ने मोनिंदर और सुरिंदर को दोषी पाया था।












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