चंद्रमा के ताप से खत्म हुआ चंद्रयान

प्री-लॉन्च टेस्ट पर सवाल उठे
इस बात का खुलासा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के सेटेलाइट केंद्र के निदेशक डा. टीके ऐलेक्स ने किया। उन्होंने कहा, "हमने चंद्रमा से 100 किलोमीटर की दूरी पर तापमान 75 डिग्री सेलसियस आंका था। जबकि वहां का तापमान 75 डिग्री से कम था, जिस कारण समस्याएं शुरू हो गईं। इस कारण हमें चंद्रयान को चांद की सतह से 200 किलोमीटर की दूरी पर लाना पड़ा।"
इसरो के मुताबिक तापमान संबंधी समस्याओं के कारण ही चंद्रयान के कुछ यंत्रों को बंद करना पड़ा था, जिस कारण कुछ प्रयोग पूरे नहीं हो सके। इससे इसरो पर यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या चंद्रयान को लॉन्च करने से पहले प्री-लॉन्च टेस्ट किए गए थे या नहीं। अगर टेस्ट हुए भी थे तो क्या वो सही टेस्ट नहीं थे।
26 अप्रैल को फेल हुआ था सेंसर
शुरुआत में कुछ दिक्कतें आयीं लेकिन वर्ष 2009 की शुरुआत में चंद्रयान ठीक तरह से काम करने लगा, लेकिन कुछ दिन बाद जब दो तारे चंद्रयान के करीब से गुजरे तो उसके तापमान में परिवर्तन हुआ और चंद्रयान की दिशा बदल गई। इस कारण पहला सेंसर 26 अप्रैल को फेल हुआ, जबकि इसी के बैक-अप में लगाया गया दूसरा सेंसर मई के दूसरे सप्ताह में फेल हो गया।
गौरतलब है कि गत 30 अगस्त को इसरो ने चंद्रयान प्रथम के खत्म होने की घोषणा कर दी। साथ ही यह भी कहा कि इस मिशन में 95 प्रतिशत वैज्ञानिक लक्ष्य पूरे हुए। जबकि यह मिशन दो साल में खत्म होना था। अब बहस इस बात पर छिड़ी हुई है कि इसरो ने पहले से ही इसे एकवर्षीय मिशन क्यों नहीं करार दिया था।












Click it and Unblock the Notifications