‘सच का सामना’ को फिर नोटिस

निजी जीवन में झांकना गलत
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष डा. गिरिजा व्यास ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आयोग जल्द ही 'सच का सामना' के निर्माताओं को नोटिस देने जा रहा है। इस कार्यक्रम में जिस तरह लोगों के निजी जीवन की घटनाओं को उछाला जा रहा है, उससे समाज पर बुरा असर पड़ रहा है।
मीडिया से बातचीत में डा. व्यास ने कहा कि तमाम लोग पहले ही इस सीरियल के खिलाफ हैं। उन्होंने बताया कि इस सीरियल के खिलाफ शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। इससे लोगों का निजी जीवन खतरे में पड़ गया है। खासतौर से महिलाओं का।
दहेज और घरेलू हिंसा भिन्न
डा. व्यास ने कहा कि दहेज के लिए हिंसा और घरेलू हिंसा दो अलग-अलग अपराध हं। दहेज विरोधी कानून को घरेलू हिंसा के मामलों में नहीं खींचना चाहिए। आपसी विवाद और घरेलू हिंसा के मामलों में दहेज कानून के तहत मुकदमे दर्ज कराने के बजाय अगर महिलाएं इसे अपने अंतिम हथियार के रूप में इस्तेमाल करें तो घरेलू हिंसा पर रोक लग सकती है।












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