रेड्डी के अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

रेड्डी के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े हुजूम में ऐसे हजारों लोग शामिल थे, जो लाख कोशिश के बावजूद अपने करिश्माई नेता के पार्थिव शरीर की एक झलक तक नहीं पा सके। उन्हें इसका मलाल है। देर शाम पूरे राजकीय सम्मन के साथ रेड्डी को उनके गांव पुलिवेंदुला में दफ्न कर दिया गया।
स्टेडियम में भगदड़ में दर्जनों घायल
इससे पहले अंतिम दर्शन के लिए रेड्डी के पार्थिव शरीर को एल.बी स्टेडियम में रखा गया था। अपने प्रिय नेता का अंतिम दर्शन करने के लिए वहां जन सैलाब उमड़ पड़ा, पर स्टेडियम में भगदड़ की स्थिति एवं मौसम के बदले मिजाज के कारण हजारों लोग को वाईएसआर के अंतिम दर्शन के बिना ही लौटना पड़ा।
भीड़ इतनी बेसब्र थी कि वहां लगाए गए सुरक्षा घेरे टूट गए। कई लोग अपने मकसद में कामयाब होने के लिए आस-पास के पेड़ों पर चढ़ गए। धक्का-मुक्की के इस माहौल में अधिकारियों ने नियत समय से पहले ही पार्थिव शरीर को हवाई अड्डा ले जाने का फैसला कर लिया।
एक महिला को विलाप करते हुए एक पुलिस अधिकारी से यह कहते हुए सुना गया, "मुझे अपने नेता का अंतिम दर्शन करने दीजिए। मुझे अंदर जाने दीजिए, मैं आपकी सदा आभारी रहूंगी।" एक महिला इस भगदड़ में बेहोश हो गई। कुछ लोग अपने नेता का अंतिम दर्शन करने में कामयाब रहे, पर अधिकांश को मायूस होकर लौटना पड़ा, क्योंकि स्टेडियम पहले से ही खचाखच भरा हुआ था।












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