सैनिकों को डिग्रियां देगा इग्नू

इस कदम से सैनिकों के लिए दूसरे करियर विकल्प भी पैदा होंगे। समझौते के तहत शुरू 'ज्ञान दीप' कार्यक्रम का उद्देश्य खासकर ऐसे सैनिकों को अध्ययन का बेहतर मौका उपलब्ध कराना है, जो स्कूली शिक्षा के बाद ही सेना की नौकरी पा लेते हैं। ऐसे जवानों के लिए नौकरी करते हुए स्नातक की पढ़ाई करना आसान हो जाएगा।
सेना और इग्नू के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर के दौरान थल सेना अध्यक्ष जनरल दीपक कपूर एवं इग्नू के उप कुलपति वी.एन राजशेखरन पिल्लई भी मौजूद थे।
हर साल करीब 50,000 प्रशिक्षित सैनिक औसतन 15 वर्षो की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होते हैं। इस कार्यक्रम के तहत सैनिकों को रोजगार क्षेत्र की बदलती प्राथमिकताओं के मुताबिक व्यावसायिक डिग्रियों से लैस करने पर ज्यादा जोर होगा। इससे सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें दूसरा करियर शुरू करने में आसानी होगी।
इस कार्यक्रम से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "देश की सेवा करने के बाद जब सैनिक सेवानिवृत्त होता है तो उसका सामना प्रतियोगी बाजार से होता है जहां डिग्रियों की खास अहमियत होती है। डिग्री नहीं होने की सूरत में उन्हें रोजगार को लेकर कई तरह के समझौते करने पड़ते हैं। सैनिकों के लिए यह कार्यक्रम उम्मीद की किरण है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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