एक घर में राजनाथ, मनमोहन, मुलायम...

इन बड़े-बड़े नामों को सुनकर पड़ गये न उलझन में..ये तो सिर्फ नाम हैं। इनका उन लोकप्रिय राजनेताओं से कोई संबंध नहीं है। हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले स्थित जलालपुर गांव के एक दलित दंपति मिठाई लाल (45) और उनकी पत्नी चंद्रसेना की संतानों की। इस दंपति ने अपने सातों बच्चों के नाम देश के मशहूर राजनेताओं के नाम पर रखे हैं।
नाम से किसमत बदलने का भरोसा
दंपति की धारणा है कि इन लोकप्रिय राजनेताओं के नामों से उनके बच्चों की किस्मत बदल जाएगी और वे भी उन्हीं की तरह मशहूर होंगे। दिहाड़ी मजदूर का काम करके परिवार की रोजी-रोटी चलाने वाले मिठाई लाल कहते हैं, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि नाम किसी व्यक्ति की किस्मत बदल सकते हैं। इसी सोच के आधार पर मैंने अपने बच्चों के नाम इन लोकप्रिय नेताओं के नाम पर रखे हैं।"
वह कहते हैं "मेरा मानना है कि ये नाम मेरे बच्चों के भविष्य के मार्गदर्शक बनेंगे और एक न एक दिन वे इन्हीं बड़े नेताओं की तरह लोकप्रिय होंगे।"
मिठाई लाल का सबसे बड़ा बेटा मुलायम सिंह है। वह 18 साल का है। उनके सबसे छोटे बेटे का नाम बाल ठाकरे है और वह महज पांच महीने का है। अन्य बेटों कल्याण, ज्ञानी जैल सिंह, राजनाथ सिंह और मनमोहन सिंह की उम्र कमश: 16, 15, 13 और पांच साल है। एक मात्र बेटी जयललिता की उम्र आठ साल है।
बेटी हुई तो वो होगी मायावती
सात बच्चों के बाद मिठाई लाल की पत्नी को आठवां बच्चा होने वाला है। दोनों भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि इस बार उनके घर लड़की का जन्म हो, ताकि वे उसका नाम उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के नाम पर रख सकें।
गर्भवती चंद्रसेना कहती हैं, "दलित समुदाय से ताल्लुक रखने के बावजूद सभी बाधाओं को पार करके आज बहन जी (मायावती) देश की सबसे ताकतवर नेताओं में से एक बनकर उभरी हैं। हम भी दलित समुदाय से हैं। हम चाहते हैं हमारे घर में बेटी जन्म ले, जिससे कि वह हमें मायावती के माता-पिता की तरह गर्व महसूस करवा सके।"
अपने माता-पिता की तरह इन बच्चों का भी मानना है कि अपने नामों के चलते वे एक दिन बड़ा मुकाम हासिल करेंगे। ट्यूशन पढ़ाकर परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाने वाले बड़े बेटे मुलायम सिंह कहते हैं कि भले देर से सही लेकिन हमें पूरा यकीन है कि हम लोग भी इन नेताओं की तरह लोकप्रियता हासिल करेंगे।
ये बच्चे आगे चलकर कितने लोकप्रिय होते हैं ये तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल ये अपने नामों को लेकर सिर्फ स्कूल और गांव में ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications