भाजपा बेहाल, संघ ने पल्ला झाड़ा

राजधानी में प्रेसवार्ता के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि संघ परिवार की नजर में 50 से 60 वर्ष की आयु के व्यक्ति ही अच्छा नेतृत्व कर सकते हैं। यहां पर उनका सीधा इशारा लाल कृष्ण आडवाणी की ओर था। भाजपा के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए भागवत ने कहा, "हम भाजपा की अंदरूनी गतिविधियों से चिंतित नहीं हैं। ये सोचने की जरूरत नहीं कि संघ किसी बात से खुश है या नहीं। बस भाजपा को अपने भविष्य के बारे में खुद सोचना होगा।"
पार्टी तय करे नेतृत्व की उम्र
भाजपा की जनक मानी जाने वाली आरएसएस ने साफ कह दिया है कि भाजपा के अंदर चल रहे गतिरोध से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ता। भागवत ने नेतृत्व क्षमता पर कहा, "पचास से साठ वर्ष की आयु के लोग अच्छा नेतृत्व कर सकते हैं, लेकिन उससे ज्यादा आयु के व्यक्ति को संघ खुद नेतृत्व नहीं सौंपता। राजनीतिक पार्टी को यह खुद तय करना होगा कि नेतृत्व के लिए सही उम्र क्या है।"
भागवत की इस बात ने सीधे भाजपा के शीर्ष नेता 82 वर्षीय लाल कृष्ण आडवाणी पर चोट की है। हां यह जरूर है कि हाल ही में आडवाणी ने एक टेलीविजन चैनल को साक्षात्कार में खुद भी कहा था कि पार्टी को युवा नेतृत्व की जरूरत है।












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