डीडीए को क्लीन चिट
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "हमें हैदराबाद की फोरेंसिक प्रयोगशाला से जो रिपोर्ट मिली है, उसमें कहा गया है कि डीडीए द्वारा 5000 से अधिक फ्लैटों के आवंटन के दौरान इस्तेमाल किए गए साफ्टवेयर के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। डीडीए का आवंटन आचरण स्वच्छ था और उसमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।"
अधिकारी ने कहा, "हमने पाया है कि डीडीए की ओर से कोई गड़बड़ी नहीं की गई है।"
ज्ञात हो कि डीडीए की आवासीय योजना 2008 के तहत 5,238 फ्लैटों के लिए 500,000 से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। लेकिन फर्जी आवेदनों के आरोपों के बीच यह आवासीय योजना विवादों में उलझ गई थी।
यह घोटाला वर्ष के प्रारंभ में उस समय सामने आया, जब एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत की कि उसने फ्लैट के लिए आवेदन ही नहीं किया था, जबकि ड्रा के तहत उसके नाम फ्लैट आवंटित था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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