स्वदेशी अर्जुन टैंकों का उत्पादन जारी रहेगा
रक्षा शोध व विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों में इस बात को लेकर चिंता व्याप्त थी कि इन टैंकों का उत्पादन रोक देना पड़ेगा, क्योंकि सेना ने अपने हाथ पीछे खींच लिए थे और उसने पूर्व में अनुबंधित 124 टैंकों से अधिक की खरीदारी करने से इंकार कर दिया था।
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "फिलहाल भारतीय सेना की एक पलटन को 45 टैंकों की आपूर्ति की गई है। अन्य 77 टैंकों की आपूर्ति मार्च 2010 तक कर दी जाएगी। इससे वैज्ञानिकों की चिंताएं भी कम हो गई हैं और टैंक का उत्पादन जारी रहेगा।"
डीआरडीओ के अनुसार अर्जुन टैंक की परियोजना तब जाकर पूरी हो पाएगी, जब कम से कम 500 टैंकों का उत्पादन और आपूर्ति कर दी जाएगी। ऐसे में अधिकारी का बयान इस बात का संकेत है कि सेना भविष्य में और अर्जुन टैंक खरीदेगी।
फिलहाल, आपूर्ति किए गए टैंक सेना में शामिल किए जाने के पहले परीक्षण की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
अधिकारी ने कहा, "रूस निर्मित टी-90 टैंकों के साथ अर्जुन टैंकों का तुलनात्मक परीक्षण अक्टूबर-नवंबर में पूरा हो जाएगा। उसके बाद अर्जुन टैंक टी-55 और टी-72 टैंकों का स्थान ले लेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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