हाथी का 200,000 वर्ष पुराना अस्थिपंजर मिला
यह खोज भूगर्भीय सर्वेक्षण संस्थान (जीएसआई) और वोल्लोंगांग विश्वविद्यालय (यूओडब्ल्यू) के एक दल द्वारा की गई है।
बालू हटाकर अस्थिपंजर की खुदाई करने में तकरीबन चार सप्ताह का समय लगा। इसके बाद उसे प्लास्टर में लपेटा गया ताकि उसे सही तरीके से पश्चिमी जावा स्थित बांडुंग भूगर्भ संग्रहालय ले जाया जा सके। वहां इन हड्डियों को जोड़कर हाथी के ढांचे को आकार दिया जाएगा।
इस खोज ने इंडोनेशिया के मीडिया और आम लोगों में गहरी रुचि जगाई है। खोज में मदद करने वाले यूओडब्ल्यू के जीवाश्म विज्ञानी डाक्टर गर्ट वान डेन बर्ग ने कहा कि यह वाकई महत्वपूर्ण खोज है।
उन्होंने कहा, "यह इंडोनेशिया में पाए गए हाथी के अब तक के सबसे परिपूर्ण अस्थिपंजरों में से है। यह आज के एशियाई हाथियों की तुलना में खासा बड़ा है।"
उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसे मृत जानवरों के शरीरों को मांसाहारी जीव खा जाते हैं लेकिन इस मामले में ऐसा लगता है कि हाथी मरने के तत्काल बाद नदी के पास बालू में दब गया होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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