लाल फूलों से क्यों बचते हैं पशु?
लेकिन जीवविज्ञानियों ने पौधों के एक समूह हैकियाज पर अध्ययन किया है, जो अपने विपरीत स्वभाव के लिए जाना जाता है। यद्यपि इस समूह की कई सारी प्रजातियां कांटेदार पत्तियों से घिरे हुए छोटे, सफेद फूल पैदा करती हैं, लेकिन इस समूह की कुछ अन्य प्रजाति के पौधे बड़े, लाल फूलों को पैदा करते हैं। इन फूलों के चारों ओर सामान्य पत्तियां लगी रहती हैं।
शुरुआती परीक्षणों से यह बात सामने आई है कि जहां सफेद फूलों का परागण पतिंगों द्वारा प्रभावी रूप से किया जाता है, वहीं आकर्षक लाल फूलों का परागण पक्षी करते हैं।
लेकिन लाल फूलों की आकर्षकता और सहजगम्यता के साथ एक संभावित समस्या भी जुड़ी हुई है। यदि पक्षी जैसे परागणकर्ता आसानी से किसी फूल को ढूंढ़ सकते हैं तो सभी बड़े स्तनधारी शाकाहारी जंतु भी ऐसा कर सकते हैं।
पश्चिमी आस्ट्रेलिया में पर्थ के आसपास प्रजाति संपन्न भूक्षेत्रों में काम करते हुए युनिवर्सिटी ऑफ प्लाइमाउथ के मिक हैनले और उनके सहयोगियों ने 50 हैकिया प्रजातियों के फूलों पर आंकड़े इकट्ठा किए।
उन्होंने बड़े लाल फूलों में छोटे व सफेद फूलों की तुलना में उच्च स्तर पर सायनाइड पाया।
पौधों में उपस्थित यही सायनाइड आमतौर पर बड़े शाकाहारी जंतुओं को लाल फूल वाले पौधों से दूर करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications