नेपाल में मंदिर बनाम बौद्ध मठ विवाद
काठमांडू, 8 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल में इन दिनों मंदिर बनाम बौद्ध मठ का विवाद गहराता जा रहा है। बौद्ध नेता सुरखेत जिले में स्थित काकरेविहार में जहां एक बौद्ध मठ के निर्माण की मांग कर रहे हैं, वहीं हिंदू इसे मंदिर मानते रहे हैं।
सुरखेत जिले में स्थित काकरेविहार को जहां बौद्ध धर्मावलंबी मठ कह रहे हैं, वहीं हिंदू इसे मंदिर मानते हैं। वर्ष 2001 में पुरातत्व विभाग द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण में कहा गया था कि प्राचीन काल में यह क्षेत्र बौद्ध कला का महत्वपूर्ण केंद्र था।
वहीं कुछ नेपाली इतिहासकारों का मानना है कि माला वंश के राजा अशोक छाला ने इस क्षेत्र का विकास किया था। माला वंश ने 12वीं और 18वीं सदी में देश में शासन किया था। अशोक छाला ने यहां गोपेश्वर मंदिर का भी निर्माण करवाया था।
काकरेविहार के अवशेषों के आधार पर वास्तुविदों का कहना है कि प्राचीन काल में यहां बौद्ध मठ हुआ करता था। वर्ष 2002-2003 में तात्कालीन नरेश ज्ञानेन्द्र ने यहां मंदिर बनाने का निर्णय लिया था लेकिन पैसों के अभाव और माओवादी हिंसा के कारण उनकी योजना पूरी नहीं हो सकी।
बौद्ध संगठन 'धर्मोदय सभा' के सदस्य जीवन कुमार शाक्य ने कहा कि विहार का अर्थ बौद्ध मठ होता है, जिस कारण इसका नाम काकरेविहार रखा गया। उन्होंने कहा कि सरकार को यहां मंदिर का नहीं बल्कि बौद्ध मठ का निर्माण करवाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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