नारायणन के बयान के बाद भरपाई में जुटी सरकार (लीड-1)

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया, "नारायणन के जवाबों के चुनिंदा अंश निकालकर उसे गलत तरीके से पेश किया गया। इसके चलते उनके बयान को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।"

पीएमओ ने कहा, "नारायणन ने स्पष्ट किया है कि साक्षात्कार के दौरान साक्षात्कारकर्ता द्वारा पूछे गए कुछ खास सवालों के संदर्भ में उन्होंने अलग-अलग जवाब दिए थे।"

सरकार ने यह बयान जारी कर उस भ्रम को भी दूर करने का प्रयास किया कि पाकिस्तान के बारे में सरकार में किसी प्रकार का कोई मतभेद नहीं है।

उल्लेखनीय है कि नारायणन ने पिछले दिनों टेलीविजन चैनल सीएनएन-आईबीएन को एक साक्षात्कार दिया था। साक्षात्कार के बाद चैनल द्वारा जारी एक प्रतिलिपि (ट्रांसक्रिप्ट) में कहा गया था, "ऐसा लगता है कि पाकिस्तान चीजों को गंभीरता से ले रहा है। एक जांच एजेंसी जिस प्रकार से जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है, ठीक उसी तरह पाकिस्तान कम से कम इस दिशा में आगे तो बढ़ रहा है।"

उधर, मुखर्जी का मुंबई हमले के संदर्भ में जो बयान लगातार आ रहा है वह नारायणन के इस बयान के बिल्कुल उलट है। मुंबई हमले की जांच को लेकर पाकिस्तान के रवैये की मुखर्जी लगातार आलोचना करते रहे हैं।

नारायणन के उस बयान पर भी सरकार ने सफाई पेश की है जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के कबायली क्षेत्रों की समस्या को यदि कश्मीर से जोड़कर देखा गया तो उनका निशाना गलत दिशा में जा रहा है।

पीएमओ ने नारायणन के इस बयान के बारे में कहा, "भारत-अमेरिका संबंधों के बारे में पूछे गए सवाल के नारायणन के जवाब का मतलब का मुख्य मुद्दा यह था कि ओबामा प्रशासन से भारत को बहुत उम्मीदें हैं । इस उम्मीद के साथ उन्होंने यह कहा था कि भारत के लिए यह संभव होगा कि अमेरिका का नया प्रशासन कश्मीर व संबंधित क्षेत्र के बारे में भारत की राय की सराहना करेगा।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+