दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंची युवाओं में शराब की लत : सर्वे
गैर सरकारी संगठन कैंपेन अगेंस्ट ड्रंकेन ड्राइविंग (सीएडीडी) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार दिल्ली महानगर में बारों व पबों में जाने वाले लगभग 80 प्रतिशत ग्राहक 25 वर्ष से कम उम्र के होते हैं, जबकि 67 प्रतिशत ग्राहक 21 वर्ष से कम उम्र के।
दिल्ली आबकारी कानून के मुताबिक 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के शराब खरीदने या उसके द्वारा शराब बेचने पर प्रतिबंध है। निर्धारित उम्र से कम उम्र के व्यक्ति को शराब बेचते हुए या शराब के नशे में पकड़े जाने पर 10,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
सर्वे में इस कानून को पूरी तरह अप्रभावी बताया गया है। सरकार द्वारा अधिकृत शराब की दुकानों, बारों व पबों में शराब बेचने या परोसने वाले 33.9 प्रतिशत सहायकों की उम्र 16 वर्ष से कम है।
भारतीय कानून के मुताबिक बारों या पबों में 25 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को बतौर कर्मचारी नियुक्त करना भी अपराध है। इस अपराध के लिए नियोक्ता पर 50,000 रुपये तक के जुर्माने या तीन महीने के कारावास की सजा का प्रावधान है।
इसके बावजूद बारों व रेस्तरांओं में सेवादार के रूप में कार्यरत लगभग 55 प्रतिशत लड़के-लड़कियां 25 वर्ष से कम उम्र की हैं।
यह सर्वेक्षण दिसंबर 2008 से जनवरी 2009 के बीच आयोजित किया गया। इसमें पबों व बारों में जाने वाले 1,000 युवकों को शामिल किया गया।
सर्वे में शामिल लगभग 85 प्रतिशत युवाओं की उम्र 14 से 21 वर्ष के बीच पाई गई, जबकि दिल्ली में शराब पीने की वैध उम्र 25 वर्ष है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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