पटियाला में अस्पताल में 5 बच्चों की जलने से मौत (लीड-1)
गंभीर रूप से घायल एक शिशु को यहां से 90 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) ले जाया गया है।
चिकित्सकों ने बताया कि पांच अन्य बच्चे बुरी तरह जल गए हैं लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है।
पटियाला रेंज मंडलीय आयुक्त जसबीर सिंह बीर ने आईएएनएस को बताया कि शनिवार तड़के फोटोथेरेपी यूनिट में इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली एक ट्यूब के फटने से उस कमरे में आग फैल गई जहां नवजात बच्चों को रखा गया था।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि नवजात शिशुओं के पीलिया रोग का इलाज किया जा रहा था। पांच शिशुओं ने मदद पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। उनकी माताओं ने हादसे से महज 20 मिनट पहले ही उन्हें दूध पिलाया था।
तीन पीड़ित हरियाणा के थे जिनमें से दो कैथल और एक सिरसा का था। एक अन्य पीड़ित पटियाला और पांचवां पटियाला के नजदीकी गांव का था।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सुरिंदर कुमार ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। आरंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि ज्यादा गर्म होने के कारण या शार्ट सर्किट की वजह से ट्यूब फटने से यह हादसा हुआ।
बीर ने बताया, "हादसे की मैजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दे दिए गए हैं। जांच उप-जिलाधिकारी करेंगे। सरकार ने पीड़ित परिवारों को तत्काल 100,000रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी।"
मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल ने अस्पताल में लगी आग में पांच नवजात शिशुओं की जलने से मौत हो जाने पर दुख व्यक्त किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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