पूर्वोत्तर में अलगाववादियों के बहिष्कार को लोगों ने खारिज किया
असम के मुख्यमंत्री तरुण गगोई ने राज्य के प्रमुख शहर गुवाहाटी में कहा, "उग्रवादियों के बहिष्कार की घोषणा के बावजूद भारी संख्या में लोगों ने गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लिया।"
असम, मणिपुर और त्रिपुरा में चार अलगाववादी संगठनों ने रविवार रात एक बजे से शाम छह बजे तक 17 घंटों के लिए बंद का आह्वान कर रखा है। अलगाववादियों ने बहिष्कार को प्रभावी बनाने के लिए लोगों से गणतंत्र दिवस समारोह का बहिष्कार करने को कहा था।
गुवाहाटी में असम के राज्यपाल शिवचरण माथुर ने कहा, "मैं सभी उग्रवादी संगठनों से अपील करता हूं कि वे अपनी बंदूकें रख दें और अपनी उचित मांगों पर बातचीत कर मुख्यधारा में लौट जाएं।"
एक अधिकारी ने बताया कि त्रिपुरा और मणिपुर में भी भारी संख्या में लोगों ने गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लिया।
पूर्वोत्तर के इन तीनों राज्यों में गणतंत्र दिवस समारोह शांतिपूर्व संपन्न कराने के लिए करीब 50 हजार सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। मणिपुर और त्रिपुरा में भी मुख्यमंत्रियों ने अलगाववादियों से सरकार के साथ शांतिवार्ता करने की अपील की।
मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने कहा, "उग्रवादी संगठनों के साथ बातचीत के लिए हमारे द्वारा हमेशा खुले हुए हैं। समस्याएं बातचीत से ही सुलझायी जा सकेंगी।"
पूर्वोत्तर में अलगाववादी संगठन वर्षो से राष्ट्रीय समारोह का बहिष्कार करते आ रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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