ओबामा पहले दिन युद्ध के मसलों पर चर्चा करेंगे (लीड-1)
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पाकिस्तान को असैनिक सहायता बढ़ाने और अफगानिस्तान सीमा से लगे इलाके की सुरक्षा की उसकी जिम्मेदारी तय करने के विदेश नीति के अपने एजेंडे पर कायम हैं। अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में मंगलवार को शपथ लेने वाले बराक ओबामा को दुनिया के सभी देशों की ओर से बधाइयां मिल रही हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए ने खबर दी है कि ओबामा ने जेल में बंद सभी कैदियों के खिलाफ सभी कार्रवाई अगले तीन महीनों के लिए स्थगित करने की बात कही है।
ओबामा के मंगलवार को शपथ लेने के बाद ओवल आफिस पहुंचने के तुरंत बाद जारी दस्तावेज में कहा गया है कि राष्ट्रपति ओबामा और उपराष्ट्रपति जो बिडेन अमेरिकी सुरक्षा को नया रूप देंगे और दुनिया में नए युग के अमेरिकी नेतृत्व को स्थापित करेंगे।
ओबामा-बिडेन का दल इराक में जिम्मेदारी के साथ युद्ध का खात्मा करेगा तथा अफगानिस्तान में अल कायदा और तालिबान के साथ लड़ाई समाप्त करने के साथ ही परमाणु हथियार और अन्य परमाणु सामग्री की आतंकवादियों से सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। अमेरिका की नई कूटनीति का उपयोग इजरायल -फिलीस्तीन विवाद को समाप्त करके मध्यपूर्व में स्थायी शांति की स्थापना के लिए किया जाएगा।
एजेंडा दस्तावेज में कहा गया है कि ओबामा और बिडेन अमेरिका के संसाधनों को पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सुरक्षा के लिए बड़े खतरों-अल कायदा और तालिबान के खिलाफ केंद्रित करेंगे।
दस्तावेज के अनुसार अमेरिका अफगानिस्तान में अपनी सेना बढ़ाने के साथ ही नाटो के देशों से भी ऐसा करने को कहेगा। अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए और संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। ओबामा और बिडेन ने अफगान सरकार से भ्रष्टाचार और अफीम की अवैध खेती रोकने के लिए और अधिक प्रयास करने को कहा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ओबामा अपने कार्यकाल के पहले दिन बुधवार को रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्यों के साथ इराक और अफगानिस्तान में जारी युद्धों के बारे में चर्चा करेंगे।
अपने चुनाव प्रचार के दौरान ओबामा ने कहा था कि वह 16 महीनों के भीतर इराक में तैनात सभी अमेरिकी सैनिकों को वापस बुला लेंगे। अपने आरंभिक भाषण में ओबामा ने कहा कि इराक की जिम्मेदारी उसकी जनता को सौंपने शुरुआत की जाएगी और अफगानिस्तान में शांति कायम करने के प्रयास भी किए जाएंगे। हालांकि ओबामा ने दोनों स्थानों के बारे में अपनी किसी भी योजना का खुलासा नहीं किया।
उधर राष्ट्रपति पद संभालने के बाद ओबामा को दुनिया के सभी देशों की ओर से बधाइयां मिल रही हैं। ईरान के विदेश मंत्री एम. मोत्ताकी ने आशा जताई है कि ओबामा के आने के बाद अमेरिका की ईरान नीति में नया बदलाव आएगा। इजरायल के राष्ट्रपति शिमोन पेरेज ने कहा, "ओबामा का राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेना अमेरिका के लिए एक महान दिन है।"
जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने कहा कि वह इस बात की उम्मीद कर रही हैं कि ओबामा के राष्ट्रपति रहते अमेरिका और जर्मनी के संबंधों में और भी सुधार होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने कहा, "हमें उत्सुकता है कि ओबामा जल्द से जल्द कार्यभार संभालें ताकि हम दोनों मिलकर दुनिया को बदल सकें।"
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ और प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन ने ओबामा को संदेश भेजकर उन्हें अपना सहयोग देने का भरोसा दिया है। थाईलैंड के नरेश भूमिबोल अदुलयादेज (81 वर्ष) ने ओबामा को भेजे बधाई संदेश में कहा, "मेरी ओर से आप को ढेरों शुभकामनाएं। मैं आप की सफलता व अमेरिका की प्रगति की कामना करता हूं।" जापान के विदेश मंत्री हीरोफुमी नाकासोने ने कहा, "अमेरिका में नए प्रशासन के आने के बाद अमेरिका-जापान गठजोड़ जारी रहेगा।"
अरब देशों के नेताओं ने ओबामा को भेजे बधाई संदेश में नए युग की शुरुआत की उम्मीद व्यक्त करते हुए उनसे फिलिस्तीन मसले का समाधान खोजने में मदद करने का अनुरोध किया है। स्पेन के राष्ट्रपति जोस लुई रोड्रिग्स जापाटेरो ने ओबामा के पदभार संभालने का स्वागत करते हुए कहा है कि इस अवसर को बेकार नहीं जाने देना चाहिए।
इस बीच अमेरिका में प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति बराक ओबामा की ताजपोशी पर केन्या में हजारों लोगों ने जश्न मनाकर खुशियों का इजहार किया। इधर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भी अमेरिकी नागरिकों, राजनयिकों तथा अन्य प्रमुख हस्तियों ने अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बराक ओबामा के गद्दीनशीं होने का जश्न मनाया। बेंगलुरू में रह रहे तकरीबन 6,000 अमेरिकियों ने मंगलवार रात अपने देश के 44 वें राष्ट्रपति बराक ओबामा की ताजपोशी का जश्न मनाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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