भारत ने पाक से कहा, जांच भटकाने की नीति बंद करें (लीड-1)
पाकिस्तान के मुंबई हमले की संयुक्त जांच के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने में सावधानी बरतते हुए भारत ने कहा कि पाकिस्तान को पहले इस मामले में अपनी जांच के परिणामों का खुलासा करना चाहिए।
विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा ने सीआईआई के एक समारोह के दौरान संवाददाताओं से कहा कि इस स्थिति में जांच में कोई भटकाव न हो तो बेहतर होगा।
दो वर्ष पहले समझौता एक्सप्रेस में हुए बम विस्फोट मामले की जांच के लिए मालेगांव बम धमाकों के आरोपी कर्नल श्रीकांत पुरोहित के प्रत्यर्पण की पाकिस्तान की मांग संबंधी खबरों पर टिप्पणी करते हुए शर्मा ने यह कहा।
भारतीय जांच दल को पाकिस्तान भेजे जाने के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि इसका फैसला आने वाले दिनों में पाकिस्तान की जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा।
शर्मा ने जोर दिया कि पाकिस्तान को मुंबई हमले की स्वतंत्र जांच करने की आवश्यकता है।
इससे पहले रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने पाकिस्तान के उन सुझावों को सिरे से इंकार कर दिया, जिसमें मालेगांव विस्फोट में दोषी सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को पाकिस्तान को सौंपने की बात कही गई थी।
एनसीसी समारोह स्थल पर संवाददाताओं से बातचीत में एंटनी ने कहा है कि यह देश का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा, "हम मालेगांव मामले की जांच कर रहे हैं। पुरोहित का मामला देश का आंतरिक मामला है। पाकिस्तान का भला इससे क्या जुड़ाव है।"
उन्होंने कहा, "हम जांच कर रहे हैं और यह हमारा दायित्व है। किसी दोषी को पाकिस्तान को सौंपने का सवाल ही नहीं उठता है।"
एंटनी का बयान पाकिस्तानी मीडिया की उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट मामले में इस्लामाबाद पुरोहित समेत कुछ लोगों के प्रत्यर्पण की मांग कर सकता है।
पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने कहा था कि यदि भारत मुंबई हमलों के दोषियों को सौंपने की मांग कर सकता है तो समझौता एक्सप्रेस मामले में पाकिस्तान भी ऐसी ही मांग कर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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